प्रगतिशील कृषक

श्री रामेश्वर उसेण्डी पिता गणेशराम ग्राम पालकी विकास खण्ड नारायणपुर जिला नारायणपुर

नाम - रामेष्वर उसेण्डी पिता - गणेषराम उसेण्डी
ग्राम - पालकी
विकासखंड - नारायणपुर
जिला - नारायणपुर
राज्य - छत्तीसगढ़
उम्र - 28 वर्ष
शिक्षा - दसवी
कृषि भूमि - 5.00 एकड़
बाड़ी - 2.00 एकड़
रबी - चना, मटर सब्जी व मक्का
पशुधन - गाय, बैल, मुर्गी, बकरीपालन

श्री रामेश्वर उसेण्डी एक प्रगतिशील कृषक जो कि पूर्व में अपने 5 एकड़ जमीन में सिर्फ खरीफ में धान की परम्परागत खेती करते थे एवं 2.00 एकड़ की बाड़ी हैं जिसमें कृषि कार्य नहीं करते थें। वर्ष के शेष समय मजदूरी किया करते थे।

उन्होने कृषि विज्ञान केंद्र से खेती संबंधित नये नये तकनीकी की जानकारी वैज्ञानिक से प्राप्त करके अपना खेती बाड़ी करते थे। वर्ष 2013-14 में कृषि विज्ञान केंद्र से केचूंआ खाद बनाने का 2 टाका तैयार करके दिया गया था एवं खाद बनाने की उन्नत तकनीकी से खाद बनाने की सलाह दिया था।

वर्तमान में उसी के अनुरूप केंचुआ खाद बनाके अपना बाड़ी में सब्जियों का खेती तथा अन्य कृषकों को भी 6 रू. प्रति किलों के दर से बेचता है, और साल भर में 12000 रू. की खाद बेचते है एवं सब्जी की खेती में केंचुआ खाद उपयोग करने से गुणवत्ता युक्त उपज अधिक मिलता हैं जिससे अधिक आमदनी मिल जाती है।



श्री अजरसिंह, पिता श्री रामसाय, ग्राम- पालकी विकास खण्ड- नारायणपुर, जिला- नारायणपुर

उम्र - 69 वर्ष
शिक्षा - आठवी
कृषि भूमि - 9.5 एकड़, ़
कृषक अनूभव - 48 वर्ष
कृषि पद्वति - धान, सब्जीयाॅ
रबी - चना, सब्जीयाॅ
पुशधन - गाय, बैल, मुर्गीयाॅ

सामाजिक स्थिति किसान क्लब का सदस्य व किसान सगवारी व वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य
श्री अजरसिंह आदिवासी कृषक है। जो पूरे वर्ष अपनी भूमि में 5 एकड़ में धान 3 एकड़ में संकर धान 1 एकड़ में उड़द तथा आधा एकड़ में सब्जीयाॅ जैसे मिर्ची, टमाटर, गोभी, बैंगन, भाजी आदि की खेती करते है। साथ ही खेत के मेढ़ों मे फलदार पौधे जैसे आम, पपीता लगाकर उत्पादन ले रहे है। वर्तमान में वर्मीकम्पोस्ट युनिट से कम्पोस्ट तैयार कर स्वंय के खेत में उपयोग एंव विक्रय कर आमदानी कमा रहे है।

सर्वप्रथम 2003-04 के दौरान कृषि व्यवसायिक उद्यम एवं अन्य कृषिगत उन्नत तकनीक विषय पर रामकृष्णमिषन आश्रम व कृषि विभाग द्वारा आयोजित होने वाले प्रषिक्षण तथा कृषि महाविद्यालय एंव अनु.केन्द्र तथा कृषि विज्ञान केन्द्र कुम्हारावण्ड जगदलपुर से मार्गदर्शन, तथा राज्य के अंदर व अन्य राज्य बैंगलोर, केरला तथा कलकत्ता आदि का भ्रमण व अवलोकन कर उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी ली व वैज्ञानिक तकनीकी से फसल, फल व सब्जी उत्पादन कर बाजार में विक्रय करना आरंभ किया है। कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये एक बार राज्य स्तरीय व कई जिला स्तरीय प्रगतिषील कृषक सम्मान से सम्मानित हो चुके है।